Fathers Day Special Hindi Poem

उंगली पकड़ के जिसने चलना सिखाया,
नए खिलौने, नए कपड़ो से लाड लडाया,
पढ़ा लिखा कर हमें काबिल बनाया,
ठोकर खाकर फिर उठना सिखाया,
अपनी इच्छाओं को त्याग कर
हमारे सपनों को पूरा किया।।

हां , वह पिता ही है,
जिसने कभी अपनी तकलीफों को छुपा के,
हमारे आंचल में ढेर सारी खुशियों को भर दिया,
परिवार की नीव बन कर,
हर सुख-सुविधा से हमारे जीवन को भर दिया।
ढेर सारे प्यार को, हमारे दामन मै फैला दिया,
सही और गलत से हमे अवगत कराया।

उस पिता को दिल खोलकर ,
आभार व्यक्त करने का दिन है आज,
ये अलग बात है की,
उनके हर बलिदान के लिए,
एक दिन का आभार,
एक तिनके के समान होगा,

आओ दोस्तों बच्चे होने का फर्ज निभाकर,
आज के दिन से शुरू करते हुए,
हर दिन को उनके लिए खूबसूरत बनाएं।।

# Happy Father’s Day
# Respect Each Day

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